Feed on
Posts
Comments

मुख पृष्ठ  |  परिचय  |  चित्र-दीर्घा  |  पुस्तकें  |  आडियो-विडियो  |   अपने मित्र को बताएं  |  अपनों की नज़र में  |  प्रेस  |  सम्पर्क  |   My Blog

Archive for April, 2007

पुरुषों द्वारा
कनक कामिनी या
जर जोरु जमीन
शब्दों के प्रयोग से लगता है,
नारी ही धनवान है तो
मै पूछता हूँ
ये नर कैसे महान है?

Read Full Post »

कभी शीघ्र विदा होती
बहन को थोडा रोकने के लिये
साली ने जीजा का जूता चुराया था
परन्तु आज की साली
कुछ खास है,क्योंकि
जीजा के मित्रों का दिल और
जीजा की जेब
उसके पास है।

Read Full Post »

अफसर सरकारी रथ का
घोडा होता है जो
भारी बोझ ढोता है।
सब को नाचता नचाने वाला अफसर
बीबी के सम्मुख है,
ठेकेदार इस मंत्र को
जानता है, जब वह
बीबी को पटाता है तो
अफसर ठेकेदार के सामने गधा
नजर आता है ।

Read Full Post »

नर

दूसरे की गर्दन काटने वाला
नरपिशाच
ये देख प्रसन्न होने वाला
नरपशु
चुपचाप निकलने वाला
नर और
विरोध करने वाला ही
नरोतम होता है ।

Read Full Post »

महानगरों में पश्चिम का
प्रभाव बढ रहा है
बाप बेटे के साथ
मदिरा पान कर रहा है।
सन्तान तुलसी पौधे के समान है
इसको मदिरा नही
गंगा जल चढाओ और
आने वाली पीढी में
कुछ संस्कार जगाओ।

Read Full Post »

सफेद कलम चालान
निकलते दाँत सम्मन और
मौत गैर जामनती
वारंट के समान है
इसको समझने वाला
इन्सान ही धनवान है ।

Read Full Post »

पहले जन्म दिन पर
बच्चे ने केक काटा
विद्यालय गया तो
पिता की जेब काटी और
आजकल सबका
गला काटने को तैयार है
ये पश्चिम का
कैसा संस्कार है ?

Read Full Post »