कविवर श्री जगबीर राठी, रोहतक
Posted in अपनो की नज़र में on May 16th, 2007 No Comments »
काव्य सुधा का पिला पैमाना, सबको मदहोश बना दिया
शब्दों की शक्ति क्या है, जन जन को ये बता दिया
हे चेतन चितचोर, हूँ भाव विभोर, मित्र तुमसा जो पाया
घन शब्दों के बने रहो, देते रहना शीतल छाया
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